Fact Check: यह कोई असली जलपरी नहीं, डिजिटल टूल्स की मदद से की गई कलाकारी है

विश्वास न्यूज की जांच में जलपरी मिलने का दावा करने वाला वीडियो फेक साबित हुआ। वीडियो असल में डिजिटल टूल्स की मदद से बनाया गया है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक 22 सेकंड का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मछली जैसी दिखने वाली औरत को पानी के किनारे एक चट्टान पर बैठे हुए देखा जा सकता है। पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि यह एक असली जलपरी है। विश्वास न्यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। पड़ताल में यह दावा गलत निकला। वायरल हो रहा वीडियो असल में डिजिटल टूल्स की मदद से बनाया गया है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘कश्‍मीर मोबाइल बाजार’ ने वायरल वीडियो को 25 जुलाई को शेयर किया। साथ में लिखा, “खुदाया रहम”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है। इसे सच मानकर दूसरे यूजर्स भी वायरल कर रहे हैं।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने इस पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए इस वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें यह वीडियो ‘जेजेपीडी प्रोडक्शंस’ नाम के यूट्यूब चैनल पर मिला। साथ में डिस्क्रिप्शन लिखा था, “अनुवादित: हम रहस्यों से भरी दुनिया में रहते हैं, जहाँ हम अभी भी नहीं जानते कि किस तरह के जीव मौजूद हो सकते हैं, इस बार एक झील के किनारे पर एक अजीब प्राणी फिल्माया गया था। एक तरह का समुद्री जीव, यह एक चट्टान पर बैठा था। यह जीव ह्यूमनॉइड उपस्थिति के साथ, पौराणिक सायरन की याद ताजा करती है। वे पौराणिक प्राणी जो किंवदंतियों से संबंधित हैं। कहानियों के अनुसार, इन सायरन को मानव और मछली के बीच एक संकर पहलू के साथ दर्शाया गया है।”

वीडियो में इसके नीचे डिस्क्लेमर लिखा था, “ये हमारे द्वारा मनोरंजन के लिए बनाए गए पैरानॉर्मल वीडियो हैं। दिखाए गए सभी चित्र काल्पनिक हैं। वीडियो सीजीआई (कंप्यूटर जनित छवि) की मदद से बनाया गया है।”

हमने इस विषय में जेजेपीडी प्रोडक्शंस से फेसबुक मैसेंजर के ज़रिये संपर्क साधा। जवाब में हमें बताया गया, “यह वीडियो डिजिटल टूल्स की मदद से बनाया गया था। यह कोई असली जलपरी नहीं है।”

जांच को आगे बढ़ाते हुए कीवर्ड्स के साथ इंटरनेट पर सर्च किया कि क्या किसी प्रामाणिक न्यूज़ वेबसाइट या मरीन रिसर्च वेबसाइट पर किसी जलपरी की मिलने की कोई खबर आई? हमें कहीं भी ऐसी कोई खबर नहीं मिली।

वायरल पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर कश्‍मीर मोबाइल बाजार को करीब 44000 से ज़्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर कश्मीर का रहने वाला है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में जलपरी मिलने का दावा करने वाला वीडियो फेक साबित हुआ। वीडियो असल में डिजिटल टूल्स की मदद से बनाया गया है।

False
Symbols that define nature of fake news
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