उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में नाबालिग की रेप के बाद हत्या के मामले को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है। घटना के आरोपी के रोहिंग्या मुस्लिम होने का दावा फेक और मनगढ़ंत है। इस घटना के आरोपी और पीड़िता एक ही समुदाय के हैं।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक नाबालिग लड़की की रेप के बाद हत्या कर दी गई और इस मामले में पकड़ा गया आरोपी मुस्लिम है, जो हिंदू पहचान के साथ रह रहा था। दावा किया गया है कि पकड़े गए आरोपी का नाम मुजफ्फर अली है, जो रोहिंग्या मुस्लिम है। कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे कथित ‘लव जिहाद ‘ की घटना का रंग देकर भी शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। श्रावस्ती जिले में नाबालिग की रेप और हत्या के मामले में पकड़ा गया आरोपी हिंदू है और इस मामले में पीड़िता और आरोपी दोनों एक ही समुदाय के हैं। गिरफ्तार आरोपी का नाम शील कुमार है, जिसे गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोशल मीडिया यूजर ‘Amit Tomar’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “A Brahmin minor girl was kidnapped, raped and killed by a Rohingya who was living with a Hindu name in the village.
Muzaffar Ali, allegedly a Rohingya, living in the village of Shravasti district of UP.
The girl was brutally killed and raped by Muzaffar Ali alias Shil Kumar.
Waiting for the females with placardsRape #murders #KillRapeJihad #lovejihadnewsJihad #LoveJihad”
कई अन्य यूजर्स ने इस पोस्ट को समान और मिलते-जुलते दावे क साथ शेयर किया है।
पोस्ट में दावा किया गया है संबंधित घटना उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले की है। न्यूज सर्च में हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स मिली, जिसमें इस घटना का जिक्र है। भास्कर डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, “श्रावस्ती में नाबालिग लड़की घर बुलाकर रेप करने और उसकी हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने नाबलिग का शव नहर के किनारे फेंके गए बोरे से शव को बरामद कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।”
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी का नाम शील कुमार है, जिसे पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कई अन्य रिपोर्ट्स में भी आरोपी के समान नाम का जिक्र है।
एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में दस साल की बच्ची का अपहरण कर रेप किए जाने के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने गिलौला के रामपुर पैडा गांव के रहने वाले आरोपी शील कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने पुलिसिया पूछताछ में अपने अपराध को कबूल कर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर बच्ची के शव को भी बरामद किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
श्रावस्ती पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से चार जून को इस घटना के बारे में की गई कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक के बयान को जारी किया है, जिसमें वारदात के 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार किए जाने और हत्या में इस्तेमाल सामानों की बरामदगी के बारे में जानकारी दी गई है।
किसी भी न्यूज रिपोर्ट्स में हमें आरोपी के मुस्लिम होने की जानकारी नहीं मिली, जैसा कि वायरल पोस्ट में (मुजफ्फर अली) दावा किया गया है।
पुष्टि के लिए विश्वास न्यूज ने श्रावस्ती पुलिस से संपर्क किया। हमारी बातचीत श्रावस्ती जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार यादव से हुई। उन्होंने घटना के आरोपी के रोहिंग्या मुस्लिम होने के दावे का खंडन करते हुए कहा, “इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मुस्लिम नहीं है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अगले कुछ दिनों के भीतर मामले में आरोप पत्र दायर कर दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि घटना के आरोपी और पीड़ित दोनों एक ही समुदाय के हैं।
वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब दो हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में नाबालिग की रेप के बाद हत्या के मामले को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है। घटना के आरोपी के रोहिंग्या मुस्लिम होने का दावा फेक और मनगढ़ंत है। इस घटना के आरोपी और पीड़िता एक ही समुदाय के हैं।
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