नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)।सोशल मीडिया आजकल लोगों को गुमराह और दिग्भ्रमित करने का एक प्लेटफॉर्म बन गया है। पिछले कुछ समय से एक मैसेज फेसबुक और वॉट्ऐसप पर वायरल हो रहा है, जिसके मुताबिक लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट नाम की एक संस्था गरीब लोगों की बेटियों की शादी का खर्चा उठा रही है। इस मैसेज में लोगों से आवेदन किया गया है कि यदि वो अपनी बेटी की शादी का खर्चा उठाने में अक्षम है तो वो मैसेज में दिए गए नम्बरों पर संपर्क करें और लाड़ली फाउंडेशन शादी का पूरा खर्चा उठाएगी। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा पूरी तरह सही नहीं है। लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट सामूहिक विवाह कार्यक्रम ज़रूर आयोजित करती है मगर वो हर गरीब की शादी का खर्चा नहीं उठाती। इसके अलावा, लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट व्यक्तिगत शादियों को प्रायोजित नहीं करती है।
CLAIM
वायरल पोस्ट में लिखा है: “ऐसे परिवार जो अपनी बेटी की शादी का खर्च उठाने में असमर्थ हैं वे अपनी मर्ज़ी से अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के बाद नीचे दिए नंबर पर संपर्क करें। शादी का पूरा खर्च लाड़ली फाउंडेशन द्वारा किया जायेगा व हर लाड़ली बेटी को नया जीवन शुरू करने के लिए संस्था की तरफ से 1 लाख रुपये मूल्य का घरेलु सामान उपहार स्वरुप दिया जायेगा। लाड़ली फाउंडेशन 9871727415, 9873182468, 9717231663, 7726022070 इस मैसेज को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि किसी ज़रूरतमंद की मदद हो सके। आप सबसे निवेदन है की चुटकुले भेजने की बजाय यह सन्देश सबको भेजे ताकि लोग जान सके।
FACT CHECK
इस पोस्ट की पड़ताल शुरू करने के लिए हमने मैसेज में दिए गए नम्बरों पर कॉल किया। हमने तीनों नंबर मिलाये मगर एक पर भी बात नहीं हुई। तीनों नंबर आउट ऑफ़ सर्विस थे।
इसके बाद हमने सोशल मीडिया पर लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट ढूंढा तो हमें फेसबुक पर इनका एक पेज मिला। इस पेज की जांच करने पर हमें इनका एक पोस्ट दिखा जिसमें वायरल मैसेज को नकारा गया था। इस पोस्ट का सार था ,”लाड़ली फाउंडेशन सिर्फ अपने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गरीब बेटियों को घरेलू सामान व अन्य मदद करती है। इसके अलावा कोई और मदद नहीं करती।” पूरा पोस्ट आप नीचे पढ़ सकते हैं।
इस विषय में ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट की चीफ को-ऑर्डिनेटर तान्या चड्ढा से बात की। उन्होंने कहा, “लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट सिर्फ सामूहिक विवाह आयोजित कराती है। हम व्यक्तिगत शादियों को प्रायोजित नहीं करते। शादियों में हम नए जोड़ों को अपना नया जीवन शुरू करने के लिए उपहार प्रदान करते हैं।वायरल मैसेज एक मिथक है। हम उन्हें कोई नकदी नहीं देते हैं। सामूहिक विवाह के माध्यम से जिन लड़कियों की हम शादी करने में मदद करते हैं, वे देश के बहुत गरीब क्षेत्र की हैं। 2 दिसंबर 2018 को भी हमने ऐसी ही 51 बेटियों का विवाह आयोजित किया था।” वायरल मैसेज में दिए गए तीनों नंबर लाडली संस्था के ही थे,लेकिन गलत मैसेज के कारण फोन कॉल्स की बाढ़ आ गई थी। कॉल की संख्या की अधिकता के कारण इन नंबरों को बंद कर दिया गया।
इस पोस्ट को काफी समय से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाता रहा है। हाल में इसे फेसबुक पर Shahzad Khan नाम के यूजर ने शेयर किया था।
निष्कर्ष: हमनें अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा पूरी तरह सही नहीं है। लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट सामूहिक विवाह कार्यक्रम ज़रूर आयोजित करती है मगर वो हर गरीब की शादी का खर्चा नहीं उठाती। लाड़ली फाउंडेशन ट्रस्ट व्यक्तिगत शादियों को प्रायोजित नहीं करता है।
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