इंदौर में हुई घटना के वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है। घटना का आरोपी और युवती दोनों एक ही समुदाय के हैं।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर 20 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक चाकू लेकर युवतियों को डरा रहा है। वीडियो को शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि मुस्लिम युवक चाकू से हिंदू युवती को डरा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो को भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। घटना में आरोपी और युवती दोनों एक ही समुदाय के हैं। इसे सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है।
फेसबुक यूजर Banty rajput (आर्काइव लिंक) ने 28 जुलाई को वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा,
यह देखो लव जिहादी हिंदू बच्चियों को केसे डरा धमका कर अपने जाल में फंसाते है… अगर किसी भी बच्ची को कोई भी इस प्रकार से धमकाए तो डरने की जरूरत नही है तुरंत अपने घर वालो को जानकारी देकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराए.तो यह लोग अपने मकसद में कामयाब नही हो पाएंगे…
ट्विटर यूजर ‘योगी योगेश अग्रवाल (धर्मसेना)‘ (आर्काइव लिंक) ने भी 27 जुलाई को वीडियो पोस्ट करते हुए समान दावा किया।
वायरल दावे की से पड़ताल के लिए हमने गूगल के इनविड टूल की मदद से कीफ्रेम निकाला और उसे गूगल रिवर्स इमेज से सर्च किया। इसमें हमें 26 जुलाई 2022 को नईदुनिया के ट्विटर हैंडल से किया गया ट्वीट मिला। इसमें वायरल वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया कि मध्य प्रदेश के इंदौर में सिरफिरा प्रेमी चाकू से युवती की गर्दन उड़ाने की धमकी देकर शादी का दबाव बना रहा था।
26 जुलाई को नईदुनिया में छपी खबर के अनुसार, इंदौर में युवती ने जब शादी से इंकार कर दिया तो सिरफिरा चाकू लेकर युवती को धमकाने पहुंच गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। युवक का नाम पीयूष उर्फ शानू है। वह नूडल्स की दुकान लगाता है। युवती और उसकी तीन साल से दोस्ती थी। युवक उस पर शादी का दबाव बना रहा था। 25 जुलाई की शाम को युवक ने जगजीवनराम नगर में युवती से मारपीट की। उसने चाकू ले रखा था।
न्यूज 18 ने भी 27 जुलाई को इस घटना की खबर छापी है। इसके अनुसार, मामला इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर चाकू बरामद कर लिया है। युवती ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। पुलिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेकर केस दर्ज कर लिया है। आरोपी पीयूष को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसकी अधिक जानकारी के लिए हमने एमआईजी थाने के इंचार्ज इंस्पेक्टर अजय वर्मा से बात की। उनका कहना है, ‘आरोपी युवक का नाम पीयूष पुत्र भरत सिंह है। 27 साल का पीयूष एलआईजी का रहने वाला है। वह हिंदू है। युवती भी उसके ही समुदाय की है। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।‘
वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक पेज ‘बंटी राजपूत‘ को हमने स्कैन किया। 28 जनवरी 2018 को बना यह पेज एक विचाराधारा से प्रेरित है।
निष्कर्ष: इंदौर में हुई घटना के वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है। घटना का आरोपी और युवती दोनों एक ही समुदाय के हैं।
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