Fact Check : मिस्र के वीडियो को बेंगलुरु में हिंदू लड़कियों के अपहरण का बताकर किया जा रहा है वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि लड़कियों को अगवा करने वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा झूठा है। वीडियो भारत नहीं, बल्कि मिस्र का है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Oct 1, 2024 at 12:31 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दो लोगों को 2 लड़कियों का अपहरण करते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि धर्म विशेष के पुरुषों द्वारा बेंगलुरु में अपहरण का वीडियो है।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत पाया गया है। लड़कियों को अगवा करने वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा झूठा है। वीडियो भारत नहीं, बल्कि मिस्र का है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक पेज B S Bisht ने 28 सितम्बर को इस वीडियो को पोस्ट करते हुए दावा किया, “जेहादी नरपिशाचों द्वारा हिंदू बच्चियां कैसे गायब की जाती हैं, अपनी आंखों से देखिए..कर्नाटक, बंगलौर-देखिए किस तरह जेहादी लिफ्ट में से हिन्दू लड़कियों को क्लोरोफार्म सुंघा कर अपहरण कर रहे हैं। लिफ्ट में बेहोश करके सीधे कार पार्किंग में खड़ी कार में दोनों लड़कियों को डाला और निकल गए, जिन लड़कियों और महिलाओं का अपहरण होता है उनका कभी पता नहीं चलता..अपनी बच्चियों को बचाना चाहते हैं तो इन नरपिशाचों की शैतानी हरकतों से अवगत कराऐं, आपके झूठे सेक्युलरिज्म और छद्म भाईचारे की कीमत आपकी बच्चियों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है…केरल में जेहादी इसी प्रकार 32,000 हिंदू लड़कियों को गायब कर चुके हैं।”
पड़ताल
वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस पर सर्च किया। हमें इस वीडियो का एक स्क्रीनशॉट जॉर्डन बेस्ड न्यूज़ पोर्टल Al Bawaba (अल बवाबा) की 20 दिसंबर 2023 की एक खबर में मिला। खबर के अनुसार, यह मामला मिस्र (Egypt, इजिप्ट) का था।
यहाँ से क्लू लेते हुए हमने कीवर्ड सर्च किया, तो हमें इस मामले को लेकर कई खबरें मिलीं।
मिस्र के न्यूज पोर्टल अल-मसरी अल-यूम पर 21 दिसंबर को छपी खबर के अनुसार मिस्र के नस्र शहर की निवासी दो लड़कियों की मां ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पूर्व पति ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी एक बेटी को जबरन किडनैप कर लिया। दूसरी बेटी जान बचाने के लिए गाड़ी से कूद गई थी। पारिवारिक विवादों के चलते लड़कियां 2022 तक अपने पिता के साथ रहीं। मगर उसके बाद माँ ने दोनों बेटियों की कानूनी कस्टडी हासिल कर ली थी और बच्चियां उन्हीं के साथ थीं।
हमें इस मामले को लेकर और भी फॉलोअप रिपोर्ट्स मिलीं, जिन्हें यहाँ पढ़ा जा सकता है।
हमें इस मामले में मिस्र के गृह मंत्रालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर 20 दिसंबर 2023 को एक ट्वीट मिला, जिसके कैप्शन में बताया गया था कि लड़कियों की मां ने काहिरा के एक पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि उनके पूर्व पति ने इस घटना को अंजाम दिया था। वो बेटियों को लेकर दूसरे देश जाना चाहते थे।
इसके बाद हमने कीवर्ड्स के जरिये ढूंढा कि क्या ऐसा कोई वाकया बेंगलुरु में सामने आया है। हमें कहीं भी ऐसी कोई खबर नहीं मिली।
पुष्टि के लिए हमने बेंगलुरु में काम करने वाली एशियानेट की एसोसिएट एडिटर के निरुपमा से बात की। उन्होंने कन्फर्म किया कि यह मामला बेंगलुरु का नहीं है।
अंत में हमने वीडियो को शेयर करने वाले फेसबुक पेज B S Bisht को स्कैन किया। पता चला कि इस पेज को लगभग 2.5 हजार यूजर फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि लड़कियों को अगवा करने वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा झूठा है। वीडियो भारत नहीं, बल्कि मिस्र का है।
- Claim Review : बेंगलुरु में हिंदू लड़कियों के अपहरण का वीडियो
- Claimed By : Facebook USer
- Fact Check : झूठ
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