Fact Check : कलबुर्गी के रामनवमी का पुराना वीडियो अब अमरावती के नाम पर हुआ वायरल

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में अमरावती के नाम पर वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। ओरिजनल वीडियो कर्नाटक में निकाली गई रामनवमी यात्रा का है। इसे कुछ लोग महाराष्‍ट्र में भाजपा की रैली का बताकर वायरल कर रहे हैं।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक धार्मिक स्‍थल के सामने बहुत-से लोगों को देखा जा सकता है। यूजर्स इस वीडियो को वायरल करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो महाराष्‍ट्र के अमरावती में भाजपा के विरोध प्रदर्शन का है। विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की विस्‍तार से जांच की। पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो कर्नाटक के रामनवमी में निकाले गए जुलूस का एक पुराना वीडियो है, जिसे कुछ लोग त्र‍िपुरा दंगों से जोड़ते हुए अमरावती के नाम पर वायरल कर रहे हैं। वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित होती है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर अनिल कुमार गौतम ने 15 नवंबर को एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया : ‘त्रिपुरा दंगे के खिलाफ मुसलमानों ने कल किए गए बंद के बाद आज भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र के अमरावती में कर्फ्यू. Hinduism और Hindutva को समझने के लिये इससे बढ़िया उदाहरण नहीं मिलेगा! हिंदुइज्म की रक्षा करना ही हिंदुत्व का काम है!’

फेसबुक पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसके आर्काइव्ड वर्जन को यहां क्लिक करके देख सकते हैं।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो की सत्‍यता जानने के लिए सबसे पहले इसे InVID टूल में अपलोड करके कई वीडियो ग्रैब्‍स निकाले। फिर इन ग्रैब को यांडेक्‍स सर्च इंजन में अपलोड करके खोजना शुरू किया। हमें एएनआई का एक पुराना ट्वीट मिला। अप्रैल 2019 को किए गए ट्वीट्स में चार तस्‍वीरों का इस्‍तेमाल करते हुए लिखा गया कि कर्नाटक के कलबुर्गी में रामनवमी का जुलूस निकाला गया। इसमें मुसलमानों ने जूस का वितरण किया। पूरा ट्वीट नीचे देखें।

पड़ताल के दौरान हमने अमरावती के नाम से वायरल वीडियो और एएनआई की पुरानी तस्‍वीर का तुलनात्‍मक अध्‍ययन किया। हमें दोनों जगह कई चीजें सामान्‍य दिखीं। मसलन धार्मिक स्‍थल की वास्‍तुशैली, दरवाजे, गुंबद दोनों जगह एक ही थे। इस तुलनात्‍मक अध्‍ययन को नीचे देख सकते हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने अपनी सर्च जारी रखते हुए यूट्यूब का रूख किया। वहां हमने संबंधित कीवर्ड से वीडियो का सोर्स खोजना शुरू किया। हमें यूटयूब पर ऐसे कई वीडियो मिले, जो इस बात की तस्‍दीक करते दिखे कि वायरल वीडियो कर्नाटक के कलबुर्गी का ही है। हमें 30 जुलाई 2019 का एक वीडियो मिला। यह वीडियो वायरल वीडियो से काफी मिलता जुलता दिखा। इसे आप नीचे देख सकते हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए अमरावती की पुलिस आयुक्‍त डॉक्‍टर आरती सिंह से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल पोस्‍ट फर्जी है।

पड़ताल के अंत में विश्‍वास न्‍यूज ने फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की सोशल स्‍कैनिंग की। हमें पता चला कि फेसबुक यूजर अनिल कुमार गौतम एक विचारधारा से प्रभावित है। गुजरात के सूरत में रहने वाले इस फेसबुक यूजर को तीन सौ से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में अमरावती के नाम पर वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। ओरिजनल वीडियो कर्नाटक में निकाली गई रामनवमी यात्रा का है। इसे कुछ लोग महाराष्‍ट्र में भाजपा की रैली का बताकर वायरल कर रहे हैं।

False
Symbols that define nature of fake news
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