Fact Check: ब्रिज की यह तस्वीर राजस्थान नहीं, साउथ कोरिया की है

विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि वायरल तस्वीर असल में साउथ कोरिया की है, जिसे राजस्थान के जयपुर की बताकर शेयर किया जा रहा है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्न प्‍लेटफॉर्म पर एक ब्रिज की तस्‍वीर वायरल हो रही है। यूजर्स फोटो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह जयपुर के ब्रिज की तस्वीर है। तस्वीर को लोकसभा चुनाव 2024 से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच में दावे को फर्जी पाया। असल में यह तस्वीर साउथ कोरिया की है, जिसे सोशल मीडिया पर राजस्थान के जयपुर की बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल ?

थ्रेड यूजर bhanu_singh1516 ने 18 मई 2024 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “यह अमेरिका या चीन नहीं है राजस्थान की राजधानी #Pink_city का हाईवे हे देख लो

घूमने जरूर जाना।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

फेसबुक यूजर पंडित प्रियांशी हिन्दू ने 19 मई को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, “यह अमेरिका या चीन नहीं है राजस्थान की राजधानी #Pink_city का हाईवे हे देख लोघूमने जरूर आना

अबकी बार 420 पार।।।।”

पड़ताल

वायरल तस्वीर की जांच के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज का इस्तेमाल किया। हमें तस्वीर से जुड़ी पोस्ट कई जगह मिली। mobile.newsis.com की वेबसाइट पर फोटो अपलोड मिली। 31 अक्टूबर 2022 को तस्वीर के साथ दी गई जानकारी के अनुसार,”यह सियोल सिटी के ओलंपिक ब्रिज के दक्षिणी आईसी पर खुले एक नया यू-टर्न कनेक्टिंग रैंप की तस्वीर है।”

सर्च के दौरान हमें life.chosunonline.com की वेबसाइट पर वायरल पोस्ट में दिख रहे ब्रिज की फोटो मिली। 1 नवंबर 2022 को प्रकाशित खबर में इसे सियोल का बताया गया है। खबर में इस ब्रिज की कई तस्वीरें भी मौजूद है।

सर्च के दौरान हमें KCP Infra Limited नाम के फेसबुक पेज पर वायरल तस्वीर अपलोड मिली। 9 जनवरी 2024 को किए गए पोस्ट में इसे साउथ कोरिया का बताया गया है।

वायरल तस्वीर से जुड़ी अन्य रिपोर्ट्स यहां पढ़ी जा सकती है। पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, राजस्‍थान के वरिष्‍ठ संवाददाता नरेंद्र शर्मा से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने भी पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल तस्वीर राजस्थान की नहीं है।

पहले भी कई तस्वीरों को भारत के अलग-अलग शहरों का बताकर शेयर किया गया। जिनकी पड़ताल विश्वास न्यूज ने की है। फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने तस्वीर को फर्जी दावे के साथ शेयर करने वाली यूजर पंडित प्रियांशी हिन्दू के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर 13 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने स्वयं को फरीदाबाद की रहने वाली बताया है।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि वायरल तस्वीर असल में साउथ कोरिया की है, जिसे राजस्थान के जयपुर की बताकर शेयर किया जा रहा है।

False
Symbols that define nature of fake news
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